Poem on Patriotism in Hindi | Desh Bhakti Kavita in Hindi

Poem on Patriotism in Hindi - देशभक्ति पर आधारित सुन्दर  कविताएँ 

Poem on Patriotism in Hindi
Poem on Patriotism in Hindi

Poem on Patriotism in Hindi #1

मातृभूमि तेरे चरणों में
अपना शीश झुकाऊं
सुन पुकार हंस बलबेदी पर
अपने प्राण चढ़ाऊँ
जीवन का उद्देश्य तुम्हारा कण कण हरा बनाना
तन मन धन कर अर्पिततेरा अनुपान रूप सजाना 
कर परास्त तेरे रिपुओं को
निज कर्तव्य निभाऊं |
करू श्रेष्ठ संपन्न विश्व में
तुम्हे महान बनाऊं ||
डॉ० चक्रधर नलिन

Poem on Patriotism in Hindi #2

ओ! भारत के वीर सिपाही
कभी ना तुम घबराना
पर्वत नदिया और समंदर
पार सभी कर जाना
जब दुश्मन आता सीमा पर
उसको मार भगाते
फिर न लौटकर वापस आये
ऐसा सबक सिखाते
नहीं किसी से डरना सीखा,
ऐसे तुम मतवाले
गर्व करे तुम पर भारत माँ
भारत के रखवाले ||
डॉ० परशुराम शुक्ल

Desh Bhakti Poem in Hindi #3

अपने प्राणों से बढ़कर है प्यारा हमें तिरंगा
इसकी लहर लहर पावन है जैसी पावन गंगा|
तीन रंग की छाया में है
भारत देश के जागे
इसको उठता देख
फिरंगी गोरे दुश्मन भागे
इसकी शान में सब कुछ खोकर
इसका मान बढ़ाएं
जब भी समय पुकारे हमको,
इस पर शीश चढ़ाएं|

Poem on Patriotism in Hindi #4

तीन रंग से बना तिरंगा, लहर लहर लहराता है
नई शक्ति भरता तन मन में, नई चेतना लाता है
केसरिया रंग इसका हमको, बलिदानों की याद दिलाता|
मध्य भाग का धवल श्वेत रंग
विश्व शांति का पाठ पढ़ाता
हरा रंग विश्वास वीरता का संदेश सुनाता है
नई शक्ति भरता तन मन में, नई चेतना लाता है ||
डॉ० परशुराम शुक्ल

Desh Bhakti Poem in Hindi #5

तुमको अपनी मां प्यारी है,
मां को भी तुम प्यारे हो|
उसके दिल के टुकड़े हो तुम,
सूरज चांद सितारे हो|
पर मां से भी बढ़कर है जो,
मातृभूमि है वह प्यारी|
उन दोनों का कर्ज चुकाने,
की तुम पर जिम्मेदारी|
तुम्हें बड़ा करने में दोनों,
की ही बड़ी भूमिका है,
दूजा हक़ तुम पर माँ का,
पर पहला मातृभूमि का है ||
उषा यादव 
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