Poem on Life in Hindi | जिंदगी की हकीकत

जिंदगी (Life) एक अनसुलझी कहानी हैं, जिंदगी हर पल नदी के पानी के जैसे बहती जा रही है| जीवन में कभी धूप है तो कभी छांव | जीवन के अलग अलग पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कवि ने सुंदर तरीके से अपने मन की बात को कविताओं (Poem on Life in Hindi) के माध्यम से व्यक्त किया है:-

Poem on Life in Hindi - जीवन के संदर्भ में कविताएं 

Poem on Life in Hindi
Poem on Life in Hindi


Poem on Life in Hindi #1

कितना अंतर है जीवन के उस कल और आज में |
कल तू था पर समय नहीं
आज समय है पर तू नहीं
सूरज भी खिल रहा हैफूल भी महक रहे हैं |
पक्षी भी चहक रहे हैं
और झरने भी बह रहे हैं
जीवन में सब वही है लेकिन एक तार टूट गया है |
और नगमा जिंदगी का खामोश हो गया है |
जरा नजदीक आकर देखो
फिर से तराना सुनाकर जरा उल्लास भर के देखो |
चक्कर यह जिंदगी का जैसे रुक गया है |
सुनहरा सा ख्वाब मेरा मझधार में खो गया है |
कितनी शिकायत थी कल में
पर अफसाना था उस शिकवे में
जलवा अब जिंदगी का
निस्तब्ध हो गया है
एक बार जिंदगी में जरा पास आकर देखो,
गुजरे हुए कल को फिर से जगा के देखो,
कल तो गुजर गया है |
कल को मैं कैसे भुला दूं?
कल तो अब जीवन का आधार बन गया है |
इतना प्यार था कल में वह आज में नहीं है|
उस कल को लौटा करजरा फिर से लौ जला दो ||

Poem on Life in Hindi #2

चार पहर जीवन के जैसे
पल भर में ही गुजर गए
बचपन आयाखुशियाँ लाया
अपनी बाल लीला दिखलाकर
मैंने सबका मन बहलाया
फिर आयी भरपूर जवानी
साथ में आयी सपनो कि रानी
अरमानो कि दुनिया बसा के
मै मस्ती में सब कुछ भूल गया
किया पदार्पण जब वृद्धा अवस्था में
अंग अंग मेरा ढीला हो गया
घुटनो ने दे दिया जवाब
चलने से हो गया मोहताज
चिंता ने घेर लिया मुझको
ऊपर से आयी आवाज
तूने सब कुछ देख लिया है
सिरहाने तेरे मौत खड़ी है
बोलो अलविदा तुम सबको
और छोडो जीवन (Life) से लगाव ||
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