Poem on Father in Hindi | पापा जल्दी आना | Fathers Day Poems in Hindi

बच्चों के मन में हमेशा में यह रहता है कि उनके मम्मी पापा उनसे प्यार करें और समय पर घर आ जाए| मनोभावनाएं प्रत्येक बच्चे के मन में आती है|इस कविता (Poem on Father in Hindi) में कवि ने बच्चे कि मनोभावनाओं को पेश किया किया है, जिसमे बच्चे को पापा के आने कि आस लगी रहती है| बच्चा कहता है कि आज मेरा जन्मदिन है, पापा जल्दी आना |

Poem on Father in Hindi - पिताजी को समर्पित हिंदी कविता

Poem on papa in Hindi
Poem on Father in Hindi

Poem on Father in Hindi

पापा जल्दी आना

बोर अकेले होता हूं,
पापा जल्दी आना|
मेरे उठने के पहले ही,
तुम ऑफिस जाते हो|
और हमेशा सो जाने पर
घर वापस आते हो|
छुट्टी वाले दिन भी तुमको,
पड़ता ऑफिस जाना |
पापा जल्दी आना|
मम्मी रही नहीं अब मेरी,
जो मुझको नहलाती,
टिफिन लगातीपानी देती ,
होमवर्क करवाती |
सब कुछ मुझको करना पड़ता,
हंसनारोनागाना |
पापा जल्दी आना |
आज जन्मदिन मेरापापा,
तुझको याद दिलाता |
खुश होते है सब इस दिन पर,
मुझको रोना आता |
आ जाओ तुम किसी तरह घर,
आज नहीं बहलाना |
बोर अकेले मै होता हूँ ,
पापा जल्दी आना,
       पापा जल्दी आना ||    
डॉ०  परशुराम शुक्ल       
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