Poem on Sun in Hindi | सूर्य देव पर सुंदर कविताएँ

Poem on Sun in Hindi - सूरज पर शानदार हिंदी कविताएँ


Poem on Sun in Hindi
Sun-Hindi-Poem

Poem on Sun in Hindi #1

सूरज जी तुम इतनी जल्दी क्यों आ जाते हो |
लगता तुमको नींद न आती |
और न कोई काम तुम्हे|
जरा नहीं भाता क्या मेरा ,
बिस्तर पर आराम तुम्हे |
खुद तो जल्दी उठते ही हो,
मुझे उठाते हो |
कब सोते हो कब उठते हो,
कहाँ नहाते धोते हो |
तुम तैयार बताओ हमको,
कैसे झटपट होते हो,
लाते नहीं टिफिनक्या खाना खाकर आते हो |
रविवार ऑफिस बंद रहता,
 मंगल को बाजार भी,
कभी कभी छुट्टी कर लेता,
पापा का अखबार भी |
ये क्या बाततुम्ही बस छुट्टी नहीं मानते हो ||
कृष्ण शल्भ

Poem on Sun in Hindi #2

पूरब ने खोला दरवाजा,
निकल पड़े किरणों के राजा |
सारे लोग नींद से जागे,
पक्षी दाना चुनने भागे |
काली रात नहीं टिक पायी,
गोरे-गोरे दिन के आगे |
खिड़की से अखबार झांकता,
लिए जेब में खबरे ताज़ा |
   निकल पड़े किरणों के राजा ||  
हरीश निगम 
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